भोपाल। श्री सीमंधर जिनालय पंचवटी कॉलोनी, एयरपोर्ट रोड पर 8 दिवसीय प्रतिष्ठा महोत्सव श्रृद्धा भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। साध्वी श्री विद्युत् प्रभाश्रीजी म.सा., प्रभंजनाश्रीजी म.सा., सुव्रताश्रीजी म.सा., आत्मदर्शनाश्रीजी म.सा., चिद्यशाश्रीजी म.सा. की पावन निश्रा में अनेक धार्मिक अनुष्ठान विधि विधान से हो रहे हैं। आज भगवान सीमंधर स्वामी की विशेष पूजा अर्चना के साथ स्नात्र महोत्सव सम्पन्न हुआ। प्रतिष्ठा महोत्सव का समापन 27 फरवरी को होगा। आयोजन समिति के सुनील भण्डारी ने बताया कि रात्रि में संगीतमय स्वर लहरियों के साथ परमात्मा भक्ति का विशेष आयोजन हुआ, जिसमें टिपेन्द्र शाह एवं उनकी टीम द्वारा विशेष प्रस्तुति दी गई। जैन यूथ क्लब के कार्यकर्त्ताओं द्वारा डाण्डिया नृत्य द्वारा विशेष भक्ति की गई और सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति के दौरान जिन शासन की महिमा नृत्य नाटिका का आकर्षक प्रस्तुतिकरण हुआ। आशीष वचन में साध्वी प्रभंजनाश्रीजी म.सा. ने कहा कि हमारे जीवन में असहजता है, कृत्रिमता है और यह असहजता और कृत्रिमता ही बुराई है, अशांति की जड़ है, जब मनुष्य के स्वभाव का बोध जाग जाता है, तब उसके जीवन में सहजता और सरसता प्रकट हो जाती है। साध्वी प्रभंजनाश्रीजी म.सा. ने कहा कि अपने स्वभाव के प्रति रूचि जगाईए, और अपने दिमाग में यह बात बैठाइए कि मैं शुद्ध ज्ञान दर्शन स्वभावी चेतन हूँ। काम, क्रोध, लोभ, मोह यह जितने भी विकार हैं, यह मेरे स्वभाव नहीं विभाव हैं, जिससे मेरी आत्मा का हनन होता है, और यही मेरे असली शत्रु हैं। मुझे उन्हें कभी पास नहीं फटकने देना है, जब यह भेद विज्ञापन पल्लवित होगा तो विकारों पर विराम लगेगा।
इस अवसर पर आयोजन समिति के नरेन्द्र बोथरा, जयंत डागा, सुनील भण्डारी, संदीप गोधा, विलम लोड़ा, अनिल बोथ्रा, ललित नाटा, जैन यूथ क्लब के रवि बोथ्रा, अविश भण्डारी, प्रदीप धारीवाल, कपिल झाबक, स्वप्निल कोठारी, सर्वेश दर्डा, अंकुर पीतलिया, रितेश भण्डारी, विकास भोरा सहित अनेक धर्मावलम्बी मौजूद थे।
विकारों पर विराम हेतु भेद-विज्ञान को माध्यम बनायें