जेल प्रशासन ने 5 करोड़ कमाए

भोपाल। जेलों में सजा काट रहे कैदियों के हाथों से बने सामान बेचकर जेल प्रशासन ने पांच करोड़ रुपए कमाए हैं। मुख्यालय ने प्राप्त हुई राशि का स्थायी फंड बना दिया गया है। उक्त राशि का उपयोग सिर्फ कैदियों के लिए अत्याधुनिक रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम को बढ़ावा देने में किया जाएगा।
प्रदेशभर की सेंट्रल, जिला और उपजेलों में 12 महीने ही कैदियों से काम कराया जाता है। कैदी लोहे की आलमारी, लकड़ी का फर्नीचर, लेदर के बैग, खिलौने, पेंटिंग, मूर्तियां बनाते व साडिय़ां और सलवार सूट में नक्काशी का काम करते हैं। इसके अलावा जेल के अंदर ही कैदियों के उपयोग में आने वाले कंबल और स्टील के बर्तन का भी प्लांट मौजूद है। हाल ही में जिला जेल में कैदियों के लिए बड़ा बेकरी प्लांट भी लगाया गया है। यहां बन  रहे बेकरी के आयटम 4 से 5 बड़े स्कूलों और जेल के स्टाफ द्वारा खरीदकर उपयोग किए जा रहे हैं। जेल प्रशासन कैदियों द्वारा तैयार किए गए सामान की बिक्री भी करता है। जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार गत एक वर्ष में ही कैदियों द्वारा तैयार किए गए सामान की बिक्री से जेल प्रशासन को पांच करोड़ रुपए की आय हुई है, जिसका स्थायी फंड बनाकर इस राशि का उपयोग कैदियों के लिए चल रहे विभिन्न पाठ््यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा।